अलका ने कहा, कांग्रेस के समय कच्चे तेल के दाम 140 डॉलर प्रति बेराल थे जबकि आज यह 80.75 है. कई राज्यो में एलपीजी 1000 रु के पार कर रहा है.उज्ज्वला योजना सब्सिडी छोड़ो का प्रचार हो रहा है, लेकिन 108 करोड़ 2021-22 पहली तिमाही में सब्सिडी कम हो गई, पैसा कहां जा रहा है. उन्होंने कहा कि 7 लाख दिए और अब 19 लाख दिए जलाने का होमवर्क पीएम लखनऊ में देकर आए हैं. ये दिए पानी से जलेंगे या तेल से. तेल की कीमत 200 रु लीटर से ऊपर है. अगले 9 दिनों में एक एक दिन दाम कम करेंगे तो देश से कष्ट टलेगा.
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि 24 लाख करोड़ रुपये पिछले 7 साल में सरकार में टैक्स से कमाया है. बताया गया कि इससे वैक्सीन लग रही है, फिर सरकार की क्या भूमिका? हमारी जेब से पैसा लेकर हमे टीका लगाया दिया. उन्होंने कहा कि 'बहुत हुई महँगाई की मार अबकी बार पूंजीपति मित्रों की खुलकर सरकार' अब ये नारा होना चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में में सिलिंडर, अगरबत्ती पूजा अर्चना इसलिए कि गयी ताकि महँगाई का कष्ट टले. 9 दिनों में दाम कम हों, लेकिन पहले दिन 15 रु बढ़े और 1000 रु के करीब एलपीजी के दाम पहुंच गए. उन्होंने कहा कि सरकार जिस तरह से असंवेदनशील हो चुकी है ऐसे में कोई बड़ी बात नहीं कि कल भी दाम बढ़ेंगे. सरकार का मुफ्त कच्चा राशन पेट में नही जा रहा. केंद्र ने जो पाप किया है उन पाप को धोने का यह समय है. 9 दिन सरकार पश्चाताप करें और दाम कम करे.